FDA ने जे.जे. महानगर ब्लड बैंक का लाइसेंस किया रद्द !

 

मुंबई के जे.जे. महानगर ब्लड बैंक का लाइसेंस आखिरकार खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने रद्द कर दिया है। FDA की जांच में ब्लड बैंक में कई गंभीर नियमों के उल्लंघन सामने आए थे। इस संबंध में ब्लड बैंक द्वारा दिया गया।

रक्त चोरी प्रकरण में FDA ने जे.जे. महानगर ब्लड बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने का अवसर दिया था। हालांकि, ब्लड बैंक का जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।

ब्लड बैंक ने अपने जवाब में स्वीकार किया है कि जांच किए बिना 50 यूनिट रक्त माया ब्लड बैंक को भेजा गया था। उसका दावा था कि यह कार्य रक्तदान शिविर के आयोजकों के निर्देश पर किया गया। लेकिन FDA ने स्पष्ट किया कि इससे सरकारी ब्लड बैंक की कानूनी जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। रक्त भंडारण, बैचवार रिकॉर्ड, ट्रेसबिलिटी (रक्त की पूरी निगरानी) और दस्तावेजीकरण से संबंधित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जांच के बाद रिकॉर्ड का मिलान कर लेना, निरीक्षण के दौरान मिली खामियों का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं माना जा सकता। इसलिए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के नियम 122P(1)(b) तथा अनुसूची F, भाग XII-B के संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन होने की पुष्टि FDA ने की है।

जनवरी 2026 में आयोजित विभिन्न रक्तदान शिविरों में कार्यरत चार चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ताओं को लाइसेंस प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। FDA ने इस कमी की ओर ध्यान दिलाया। इसके जवाब में ब्लड बैंक ने कहा कि उन चार परामर्शदाताओं (काउंसलरों) के नाम मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं। लेकिन FDA ने कहा कि जांच के बाद मंजूरी के लिए नाम भेजना इस बात का प्रमाण नहीं है कि निरीक्षण के समय पूर्व स्वीकृति मौजूद थी।

ब्लड बैंक को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने तथा लाइसेंस रद्द होने के बाद वहां कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। इस संबंध में कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी, लेकिन राज्य रक्त संक्रमण परिषद (SBTC) के सहायक निदेशक डॉ. सुभाष मोहनालकर और निदेशक डॉ. नितीन अंबावडेकर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कर्मचारियों ने इस क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग भी की, जिसे डॉ. मोहनालकर ने अस्वीकार कर दिया। चर्चा है कि भले ही ब्लड बैंक सील कर दिया गया हो, लेकिन सॉफ्टवेयर में मौजूद डेटा मिटाए जाने या महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट किए जाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

जे.जे. महानगर ब्लड बैंक में कथित अनियमितताएं जारी रहने के दौरान और अब FDA को स्पष्टीकरण देने की प्रक्रिया में भी स्वास्थ्य विभाग की भूमिका केवल मूकदर्शक जैसी रही है। राज्य की राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने विधानसभा सत्र के दौरान पूर्णकालिक सहायक निदेशक नियुक्त करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है।

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